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इस छोटे से गाँव की बेटी ने किया नाम रौशन, दिल्ली में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर हुआ चयन

नमस्कार दोस्तों, इस बात में किसी भी प्रकार की दो राय नहीं है कि दृढ़ निश्चय, लगन और फिर कठोर परिश्रम हमेशा से सफलता का मूल मंत्र रहा है. यदि आप चाहे तो अपने टैलेंट और मेहनत के दम पर पुरे देश में अपना नाम बना सकते है. आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहें है जिसने अपने पुरे गाँव का नाम रौशन किया है. जी हाँ, आज हम बात कर रहें हैं एक मामूली गाँव पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली कत्यानी शर्मा कंडवाल जिन्होंने पीसीएसजे दिल्ली में द्वितीय रैंक हासिल कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर चयनित हुई है. उनकी इस कामयाबी को देख उनके पुरे गाँव समाज के साथ साथ प्रदेश में भी काफी खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है.

आपकी जानकारी हेतु बता दें, कत्यानी शर्मा कंडवाल जिन्होंने अपने पुरे गाँव का नाम रोशन किया है वह पौड़ी गढ़वाल के मराडा ग्राम पंचायत के मावलस्यू गांव की रहने वाली है एक आम सी लड़की है. बहुत कम उम्र में ही उनके सर से उनके पिता का साया छीन गया था. इसके बाद से ही इस होनहार बेटी ने सफलता प्राप्त करने के लिए ना जाने कितनी चुनौतियों को अकेले ही पार कर किया. कल्याणी ने अपने हाईस्कूल तक की शिक्षा थॉमस कॉन्वेंट स्कूल पौड़ी में पूरी की. हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने इंटरमीडिएट रिवर डेल पब्लिक स्कूल देहरादून से पूरा किया. कत्यानी को बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में बहुत अव्वल स्थान पर आते हुए देखा गया था. बता दें, कल्याणी ने CLAT परीक्षा में ऑल ओवर इंडिया 137 रैंक हासिल किया जिसके बाद उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भोपाल स्थान प्राप्त की.

आपको बता दें, पिता के जाने के बाद कत्यानी ने एक बड़ी बेटी होने के नाते अपनी घर और परिवार दोनों की जिम्मेदारियों को बहुत अच्छे निभाई से है. जीवन में हज़ारो परेशानी आने के बाद भी कत्यानी ने अपने हौसलों को कभी हारने नहीं दिया. अपने सपनों के प्रति प्रेम होने के वजह से कत्यानी ने कड़ी मेहनत किया और आखिरकार उन्होंने उस पद प्राप्त कर ही लिया, जिसका सपना वो बचपन से ही देख रखी थी. कत्यानी शर्मा कंडवाल के इस संघर्ष से भरी हुई सफलता को प्रदेशभर में सराहा जा रहा है. इतना ही नहीं इन सब के साथ ही पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने पौड़ी की इस बेटी के द्वितीय रैंक के साथ दिल्ली ज्यूडिशियरी में अर्जित होने पर उन्हें काफी शुभकामनाए दी जा रही है और उन्हें प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक भी बताया जा रहा है.

कत्यानी से जब बात किया गया तब उन्होंने यह बताया कि इस मुकाम को प्राप्त कर के उन्होंने अपनी दिवंगत पिता का सपना पूरा किया है. उन्होंने अपने इस कामयाबी का श्रेय अपने माता पिता, गुरुजनों और ससुराल वाल को भी दिया है. बता दें कि कत्यानी शर्मा कंडवाल की शादी साल 2015 में ऋषिकेश के रहने वाले प्रांशु कंडवाल से हुई थी.

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